वैज्ञानिकों की शह पर कैसे औद्योगिक क्षेत्र ने पशुधन उत्सर्जन की पूरी बहस का रुख अपने फायदे में मोड़ लिया है कैमल फ्यूचर्स (Camel Futures) मूल लेखक: इल्से कोहलर-रोलेफ्सन (Ilse Köhler-Rollefson) मूल ब्लॉग का लिंक: https://open.substack.com/pub/1805ilse/p/camels-methane-and-the-reductionist?r=35vkn0&utm_campaign=post-expanded-share&utm_medium=web ऑस्ट्रेलिया में ऊँटों को एक समस्या (pests) माना जाता है और उनकी संख्या पर काबू पाने के लिए अक्सर उन्हें हेलीकॉप्टर से गोली मार दी जाती है। यह हकीकत दुनिया भर के ऊँट प्रेमियों को बहुत परेशान करती है। लगभग 15 साल पहले, ऑस्ट्रेलिया के इन जंगली ऊँटों को मारकर 'कार्बन क्रेडिट' कमाने की योजना भी बनाई गई थी। दावा यह था कि हर ऊँट हर साल एक टन मीथेन छोड़ता है—एक ऐसी ग्रीनहाउस गैस जो 20 साल के पैमाने पर देखें तो कार्बन डाइऑक्साइड ( $CO_2$ ) से 80 गुना ज्यादा खतरनाक है। इसके जवाब में, मोरक्को के वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक रिसर्च की ताकि ऊँटों और गायों के मीथेन उत्सर्जन की सीधी तुलना की जा सके। उन्होंने पाया कि अगर दोनों को एक जै...
सम-सामायिक विषयों, पोस्ट डेवलपमेंट (उत्तर विकासवाद) और विकास के वैकल्पिक मार्गों की बात; जंगल के दावेदारों की कहानियां, कुछ कविताएं और कुछ अन्य कहानियाँ, व्यंग्य